आज़मगढ़

गांधीगिरी टीम एवं पूर्वांचल शिक्षण संस्थान रानी की सराय के तत्वावधान में साहित्य सेवी सम्मान व कवि सम्मेलन का आयोजन

गांधीगिरी टीम एवं पूर्वांचल शिक्षण संस्थान रानी की सराय के तत्वावधान में साहित्य सेवी सम्मान व कवि सम्मेलन का आयोजन

मंडलायुक्त व पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ने किया शुभारंभ

आजमगढ़ / इक अधूरी कहानी तो मुझमें भी है, धड़कें दिल वो जवानी तो मुझमें भी है, तुम जो छुलो शिवाला बनु प्रेम का, इक मीरा दिवानी तो मुझमें भी है, इक अधूरी कहानी तो मुझमें भी है….जैसे ही लोकप्रिय कवियत्री भुवन मोहिनी ने अपनी चर्चित रचना का पाठ किया तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये। मौका था परिवर्तन सेवा संस्थान गांधीगिरी टीम व पूर्वांचल शिक्षण संस्थान समूह के संयुक्त संयोजन में करतालपुर बाईपास पर स्थित हरिश्चन्द्र मिश्र पब्लिक स्कूल में आयोजित साहित्य सेवी सम्मान एवं कवि सम्मेलन का। इसके बाद बारांबंकी के हास्य व्यंग एव गीतकार गजेंद्र प्रियांशु ने सिया ने तेरा अभिशापित है राम, युग-युग का संकल्प अटल था मुझ में मेरा राम प्रबल था, पग-पग पर जिस की मर्यादा देकर थोड़ा ले गई ज्यादा, भोर नयन भर लाई आंसू पीड़ा लाई शाम, सिया तेरा अभिशापित राम सुनाकर लोगों को राममय कर दिया। लखनऊ से प्रधारे वीररस के कवि शिव कुमार व्यास ने वीर बलिदानियों की जुबानी लिखो, देश के दुर्दशा की कहानी लिखो, जब लिखो तब किसी पर र्मुर्वत नहीं, दूध का दूध पानी का पानी लिखो प्रस्तुत कर दर्शकों में जोश का संचार कर दिया। इसके बाद पंकज मिश्र वात्स्यायन ने मंच की कमान संभालते हुए अपनी रचना हाल पूछें न पूछें वो माँ बाप का, फिर भी औलाद से रूठता कौन है प्रस्तुत कर लोगों को स्तब्ध किया। वहीं डा ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी ने सत्य पर आवरण नहीं होता, वक्त का आचरण नहीं होता, आंसूओं ने बताया आंखों को, दर्द का व्याकरण नहीं होता से अपनी रचनाओं से लोगों को मंत्रमुग्घ किया। वहीं अनन्या राय पराशर ने अपनी स्त्री विषयक रचना प्रस्तुत कर महिलाओं की वेदना को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त विकास पंत व नरेन्द्र सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभांरभ किया गया। इसके बाद पुलवामा शहीदों को नमन करते हुए एनसीसी कैडेटों द्वारा सलामी दी गयी। इसके साथ ही गोल्ड मैडलिस्ट, हरिहरपुर घराना के आदर्श मिश्रा ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इसके बाद आजमगढ़ में साहित्यकारों सोनी पांडेय, प्रतिमा सिंह, कन्हैया लाल अस्थाना, डा शशिभूषण प्रशांत, पंडित अमरनाथ तिवारी, हरिहर पाठक, डा ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी आदि को शाल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जल संरक्षण पर कार्य करने के लिए गांधीगिरी टीम की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि सूचना आयुक्त अजय उत्प्रेति ने कहा कि जल का महत्व रेगिस्तान के लोगों से समझने की आवश्यकता है, जिसके लिए उन्होंने वहां का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इसके अलावा जल संचयन के महत्व पर खुद भी प्रकाश डालते हुए लोगो से इसके लिए आज से ही जागरूक करने की अपील किया। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह, दयाशंकर मिश्र आदि शामिल रहे। अंत में आयोजक परिवर्तन सेवा संस्थान के सचिव विवेक पांडेय ने आंगतुकां के प्रति आभार जताते हुए लोगां को जल संचयन के लिए जागरूक करने की अपील किया, इसके साथ ही उन्होंने जल संचयन को लेकर कई आगामी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से चर्चा किया। संचालन शिल्पी गर्ग व डा ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर आदित्य उपाध्याय, संगीता तिवारी, सीएके त्यागी, अमित तिवारी, संरक्षक सत्येन्द्र राय, अखिलेश मिश्र गुड्डू, सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, ओम विराज पांडेय, निखिल शुक्ला, धनश्याम गुप्ता, आनंद पांडेय, पंकज, आलोक मिश्र, लीना मिश्रा, संतोष सिंह, संतोष यादव, राजन सिंह सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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