आज़मगढ़

आपसी अदावत व प्रधानी चुनाव को लेकर चल रही रंजिश के चलते दुबई में रची गई थी बसपा नेता की हत्या की साजिश

आपसी अदावत व प्रधानी चुनाव को लेकर चल रही रंजिश के चलते दुबई में रची गई थी बसपा नेता की हत्या की साजिश

हत्यारोपी दो अभियुक्त गिरफ्तार।

आजमगढ़   / हत्यारोपी दो अभियुक्त गिरफ्तार बसपा नेता कलामुद्दीन की हत्या में नामजद निवर्तमान प्रधानपति रिजवान अहमद समेत दो अभियुक्त गिरफ्तार हुए, हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद होने का दावा किया गया।
मुखबीर से सूचना मिली की ग्राम खुन्दनपुर मे हुए हत्या के वांछित अभियुक्तगण मंगरावा से लाल रंग के यूनिकार्न गाडी से अक्षैयबर पुलिया की तरफ आ रहे है। पुलिस वाले FCI गोदाम जाफरपुर के पास पहुँचे की मंगरावा की तरफ से लाल रंग की यूनिकान मोटरसाईकिल आते हुये दिखायी दी जिसे घेरघार कर FCI गोदाम जाफरपुर से गिरफ्तार किया गया । नाम पता पुछने पर उन्होने अपना नाम 1. रिजवान अहमद पुत्र अंसारूल हक निवासी ग्राम खुन्दनपुर 2. मो0 कासिफ पुत्र मो0 अलिशेर निवासी ग्राम खुन्दनपुर बताये। मौके पर तलाशी से मो0 कासिफ के पास से 01 अदद पिस्टल .32 बोर व 02 अदद जिन्दा कारतूस .32 बोर बरामद हुआ।

आजमगढ़, मेंहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव में चार दिन पूर्व बसपा नेता की हत्या की साजिश दुबई में रची गई थी। इसके तहत तीन शूटरों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया था। हत्या का मुख्य वजह आपसी अदावत व प्रधानी चुनाव को लेकर चल रही रंजिश बताई जा रही है। अब तक इस रंजिश में दोनों पक्षों के चार लोगों की जान जा चुकी है।
एसपी सुधीर कुमार सिंह ने कलामुद्दीन हत्याकांड का पटाक्षेप करते हुए कहा कि खुदंनपुर गांव निवासी व हत्या के आरोपित मसरूर व उसके सगे भाई मकबूल ने सोची समझी रणनीति के तहत दुबई में बैठकर हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने हत्या के लिए शूटरों की मदद ली थी। दो अज्ञात शूटरों ने क्षेत्र के एक शूटर मुस्तफिल हसन उर्फ बाबू से संपर्क साधकर साजिश में शामिल कर लिया था। घटना के दिन साजिश के तहत तीनों शूटरों ने कलामुद्दीन की हत्या की थी। उन्होंने कहा कि मृत बसपा नेता कलामुद्दीन स्वयं एक अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति था। गांव में कलामुद्दीन का आतंक था। उसके भय से अलीशेर व मसरूर गांव छोड़कर दुबई रहते हैं। गांव में जो भी विरोध करता था उसका कलामुद्दीन व उसके पक्ष के लोग काम तमाम कर देते थे। कलामुद्दीन की गांव के दूसरे पक्ष से आपसी अदावत व प्रधानी चुनाव की रंजिश भी चल रही थी। इस अदावत को लेकर वर्ष 1989 में कलामुद्दीन व उसके पक्ष के लोगों ने मिलकर जलालुद्दीन की हत्या कर दी थी। इस घटना के प्रतिशोध में वर्ष 2012 में खुर्शीद की हत्या शूटर मुस्तफिल हसन उर्फ बाबू ने की थी। खुर्शीद कलामुद्दीन का सहयोगी था। इसी रंजिश के चलते कलामुद्दीन ने 14 सितंबर 2020 कामरान की निर्मम हत्या करा दी थी। अदावत के चलते गांव में गोलबंदी चल रही है। इस गोलबंदी में एक पक्ष का नेतृत्व दुबई में बैठे मसरूर व अलीशेर करता है जबकि दूसरे पक्ष का नेतृत्व कलामुद्दीन करता था। इस अदावत में अब तक जहां चार लोगों की हत्या हो चुकी है, वहीं कई लोगों पर जानलेवा हमला भी हो चुका है। गंभीरपुर, मेंहनगर व अहरौला थाना में दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हैं।

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