Friday, July 1, 2022
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ठूठीबारी:कस्बे के जमीनों के भाव में भारी उछाल से लोगो की गिद्ध जैसे पैनी नजर पीडब्ल्यूडी की जमीन पर कब्जा

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◆खाली पड़े पीडब्ल्यूडी की जमीन पर ग्रामीणों का कब्जा◆

◆ग्रामीणों ने गुमटी, झोपड़ी डाल किया है कब्जा◆

◆कस्बे के जमीनों के भाव में भारी उछाल से लोगो की गिद्ध जैसे पैनी नजर◆

दिनेश रौनियार

निचलौल तहसील क्षेत्र अंतर्गत
ठूठीबारी कस्बे के नौतनवा मार्ग पर स्थित पीडब्ल्यूडी की जमीन पर ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण बदस्तूर जारी है। किसी ने गुमटी तो किसी ने झोपड़ी डालकर अपना स्वामित्व जताने की तैयारी पूरी कर ली है। कस्बे के जमीनों में भारी उछाल से लोगो लोगो ने जानबूझ कर विभाग से दो दो हाथ करने का मन बना लिया है।
ठूठीबारी नौतनवा मार्ग मुख्य मार्ग पर पीडब्ल्यूडी की बेहद कीमती जमीन है। जिस पर विभाग का एक पुराना जीर्ण मकान भी मौजूद है। मकान के चारो तरफ विभाग की और भी जमीने है। जो करीब 30 वर्षों से खाली पड़ा है। विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही से मकान में कस्बे के कई परिवार आशियाना बना कर जीवन यापन किया करते रहे। लेकिन कुछ समय अंतराल के बाद खाली कर दिए। इन दिनों आलम यह है कि विभाग की उदासीनता को देखते हुए लोगो नीति और नियत खराब हो गई है। पीडब्ल्यूडी की सभी खाली जमीन पर अलग अलग गुमटी, झोपड़ी आदि डालकर कब्जा कर लिया गया है। जिससे आने वाले दिनों में कब्जा हटाना प्रशासन के लिए चुनौती साबित होगा।

तीन दशक पहले लगता था गैंग मैन का जमावाड़ा

कस्बे एक बुजुर्ग इंदर प्रसाद यादव ने बताया कि करीब तीन दशक पहले इस मकान में पीडब्ल्यूडी के सुपरवाइजर स्व.चतुर्वेदी जी अपने पूरे परिवार के साथ रहा करते थे। ड्यूटी का फरमान चतुर्वेदी जी के द्वारा सुनाया जाता था। लगभग सभी गैंग मैन इसी क्षेत्र के होने की वजह से सुबह यही इकट्ठा होते फिर यहीं से सभी गैंग मैन का कार्य क्षेत्र अलग अलग बाट दिया जाता था। शाम को काम खत्म होने के बाद गैंग 20 से 25 की संख्या में गैंग मैन इसी मकान में रुकते थे जिनमे कुछ अपने घर चले जाते रहे। उस समय कस्बे का यह जगह सबसे रमणीय होता था। बगल गांव के लोग भी समय व्यतीत करने के लिए कुछ समय आकर यह बैठते थे। समय ने सब कुछ बदल दिया।

नेपाल के महेशपुर बड़ा भंसार बनने से बढ़ा व्यापार

2018 में नेपाल के महेशपुर में बड़ी भंसार का दर्जा मिलने के कस्बे के व्यापार में इजाफा हुआ। कोलकाता, बिहार, बंगाल, सूरत, पंजाब आदि के व्यापारी जो कभी सोनौली के रास्ते व्यापार करते थे उनका रुझान ठूठीबारी की तरफ आकर्षित हुआ तो व्यापारिक रौनक बढ़ गई। हालांकि यह चकाचौध ज्यादा दिन नही रह सका। वैश्विक महामारी कोरोना की विभीषिका ने सब कुछ चौपट कर रख दिया। लगातार दो वर्षो तक आवागमन से लेकर सभी चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया गया।कस्बे के जमीनों आए भारी उछाल से लोगो की गिद्ध नजर
झरही नदी पर बाई पास रोड बनने व कोरोना महामारी के कम होने से कस्बे की बिगड़ी अर्थ व्यवस्था अब धीरे धीरे गति पकड़ना शुरू कर दी है। नेपाल में भी कोविड प्रतिबंध हटा लिया गया है। जिससे व्यापारियों का काम पटरी पर लौटते दिख रहा है। इन्ही सब वजह से कस्बे की जमीनो के दाम आसमान छू रहे है। लोग इस तरह के लावारिश पड़ी जमीन पर टकटकी लगाए बैठे हैं और मौका मिलते ही अतिक्रमण कर कब्जा करने के फिराक में है।इस बाबत एई जय शंकर चौबे ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर एसडीएम निचलौल से पत्राचार किया गया है। शीघ्र ही कब्जेदारो को जमीन खाली करने की नोटिस भेजी जाएगी। सरकारी जमीन कब्जे अवमुक्त होगा।

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