Friday, July 1, 2022
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आखिर क्यों निचलौल का नहीं हो रहा विकास, कागज में दर्ज है आदर्श नगर पंचायत निचलौल, विकास के लिए बहा रहा आंसू

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आखिर क्यों निचलौल का नहीं हो रहा विकास, कागज में दर्ज है आदर्श नगर पंचायत

निचलौल । नगर पंचायत निचलौल का कोर्ट वार्ड जो पूर्व व वर्तमान दोनों नगर अध्यक्षो का पैतृक मुहल्ला है जिसकी विकास देख नगर के विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है वार्ड के विकास के सम्वन्ध में वार्ड सभासद अभिषेक सिंह से विकास न होने का कारण जानना चाहा तो वार्ड सभासद ने बताया चुनाव जीते चार साल से अधिक हो गया हमने अभी तक 35 प्रस्ताव बैठक में दिए पर अभी तक सिर्फ दो काम ही हो सका ओ भी अधूरा पड़ा है वार्ड वासियों से विकास का हाल जानने का प्रयास किया गया तो वार्ड वासी राजकुमार श्रीवास्तव व हेमराज जायसवाल ने बताया जब नगर अध्यक्ष अपने घर के सामने का रास्ता ठीक नही करा सके तो नगर का विकास क्या करेंगे एक महिला ने नगर अध्यक्ष के प्रति नाराजगी ब्यक्त करते हुए कहा हजारों महिलाओं के आस्था का केन्द्र कोर्ट वार्ड का छठ घाट जिसकी महिलाएं पूजा करती है उस पोखरी में शौचालय का पानी व शौच गिराया जाता है जिसका कितने बार शिकायत किया गया गया पर अभी तक उसका व्यवस्था नही करा सके जब कि उनके घर के भी परिवार उसी छठ घाट पर पूजा करते है तो उनसे क्या उमीद रखी जाए नागरिकों ने सिनेमा हाल रोड कालीमंदिर रोड़ व तमाम नलियों को दिखाते हुए कहा आप इन सब को देख स्वच्छता व विकास का अंदाजा लगा सकते है इस सम्वन्ध में नगर अध्यक्ष विश्वनाथ मद्देशिया ने बताया विकास हेतु धन न आने के कारण विकास नही हो सका काली मन्दिर रोड डूडा से होना था जो ठीकेदार आधा अधूरा करके छोड़ दिया है अब सवाल उठता है क्या नगर पंचायत का विकास सिर्फ डूडा के भरोसे है क्या अन्य वित्तों से आने वाले बजट सिर्फ अन्य नगरों को ही मिले है को साढ़े चार साल में क्या कोई बजट नही आया जिससे नगर का विकास हो सके जब कि प्रदेश की योगी सरकार नगरों को स्वच्छ व सुन्दर बनाने के लिए पानी की तरह पैसे बहा रही है इस सब पे समाज सेवी शैलेश पाण्डेय ने कहा नगर अध्यक्ष चार साल में सिर्फ अपना विकास किये है नगर का विकास नही नगर में हटाये जा रहे अतिक्रमण के सम्वन्ध में श्री पाण्डेय ने कहा नगर पंचायत अतिक्रमण के आड़ में सिर्फ छोटे छोटे व्यपारी व व्यवसाइयों को प्रताड़ित कर रही है नगर के भूमि पर आ बड़े बड़े लोगो द्वारा किये गए कब्जे को हटाने में कोई रुचि नही ले रही यह उनके ओछी मानसिकता का परिचय है स्मार्ट बाजार के नाम पर आए बजट का कहि आता पता नही सिर्फ कागजों में बाजार दिखा धन का बंदर बाट किया गया उसी प्रकार सोमारी बाजार में छोटे छोटे व्यवसाइयों हेतु बनाये गए दुकानों को बड़े बड़े साहूकारों को गोदाम बनाने हेतु दे दिया गया जो छोटे व्यवसाइयों के हक को मारा गया है बरगदवा वार्ड में छठ घाट के बनवाने के नाम पर धन का बंदरबांट कर छोड़ दिया गया आज ओ भी अपनी उद्धार हेतु आंसू बहा रहा है

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