Saturday, May 28, 2022
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मातृदिवस पर हम अवश्य करें माताओं का सम्मान -चन्द्रेश शास्त्री, सामाजिक कार्यकर्ता

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मातृदिवस पर हम अवश्य करें माताओं का सम्मान -चन्द्रेश शास्त्री, सामाजिक कार्यकर्ता

मां वह जो अपने बच्चों को ममता देती है मां जिसमें क्षमा, वात्सल्य, दया, करुणा, आर्जव सद्भावना, समता सारे के सारे उदात्त गुण पाए जाते हैं ! हमारे भारत में पहले मदर्स डे और फादर्स डे नहीं मनाया जाता था ! क्योंकि हमें प्रतिदिन अपने माता-पिता का सम्मान करना है एक दिन सुनिश्चित करके हम केवल माता-पिता का सम्मान न करें ! आजकल मात्री दिवस का प्रचलन अपने समाज में भी बढ़ गया है दिखाने के लिए वह लड़के भी स्टेटस पर अपने मां को दिखाने लगे हैं जो अपनी मां का मन से सम्मान भी नहीं करते ! अपने मां को कभी चरण वंदन न करने वाले भी मात्री दिवस के दिन मां के पूजा का दिखावा करने लगे हैं ! मां का सम्मान दिखावे कि वस्तु किसी प्रकार नहीं है ! हमारे वेदों में “मातृदेवो भव” कह कर बताया गया सबसे पहली देवता मां ही है ! अब यह भी ध्यान रखने की बात है क्या हम केवल अपने मां का सम्मान करें दूसरों के माताओं का अपमान करें यह किसी प्रकार से धर्म नहीं हो सकता ! हर बचपन को ममता देने वाली मां हम सभी के लिए सम्माननीय हैं ! हमें अपने समाज में पूर्ण माताओं का अवश्य सम्मान करना चाहिए जो माताएं किसी भी प्रकार से अपने पति की छत्रछाया हटने के बाद भी या पति के द्वारा परित्यक्त कर देने के बाद भी मेहनत मजदूरी करके भी अपने बच्चों को पालन पोषण करने के साथ उत्तम संस्कार देने में लगी है ! अपने बच्चों के सुंदर लालन-पालन का अधिकार उन माताओं को मिल सके इसके लिए समाज में निश्चय ही उन गरीब माताओं को भी अबला ना समझते हुए सम्मान पूर्वक सबला बनाने का प्रयास करना चाहिए ! हमने देखा अपने निचलौल के समीप बैठवलिया ग्राम में रुंधति देवी कितनी कठोर परिश्रम से अपने पति नाथू चौहान के गुजरने के बाद अपने बच्चे लक्ष्मण, लक्ष्मीना और संध्या के पालन पोषण में लगी है ! हमने इस मात्रृ दिवस में रुंधती देवी को ही सम्मानित किया है ! बैठवलिया ग्राम के अग्रणी एक विद्यालय के प्रबंधक जितेंद्र पाल सिंह जी के साथ जब रून्धति देवी को सम्मानित किया गया तो उन्होंने बताया कि मैं अपने बच्चों को आगे तक पढ़ाना चाहती हूं ! शिक्षा दान में जितेंद्र पाल सिंह जी ने सहयोग करने के लिए हर तरह से आश्वस्त किया ! अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की बराबर भावना संजोए एक गरीब मां के इन वचनों को सुन कर के मेरा मन भर गया ! मातृ दिवस पर खासकर अपने समाज के ऐसी माताओं को हम सम्मानित करें जो जीवन में संघर्ष करते हुए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छा संस्कार देने में लगी है !

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