वाराणसी में होटल उद्योग की चांदी, अधिकतर होटल मतदान तक फुल

वाराणसी में होटल उद्योग की चांदी, अधिकतर होटल मतदान तक फुल

लोकसभा चुनाव 2019: वाराणसी में होटल उद्योग की चांदी, अधिकतर होटल मतदान तक फुल

चुनाव की दृष्टि से देश का सबसे चर्चित क्षेत्र हो चुके वाराणसी में होटल व पर्यटन उद्योग में जबरदस्त बूम आया है। शहर के करीब सभी होटल भर गये हैं और पिछले तीन से चार दिनों में डेढ़ हजार से ज्यादा कमरे राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने बुक कराए हैं। होटल प्रबंधन आम पर्यटकों की बजाए राजनीतिक दलों व चुनाव प्रबंधन से जुड़ी टीम को प्राथमिकता देते हुए कमरे रिजर्व रख रहे हैं। मतदान की तारीख तक लगभग यही स्थिति है।

होटल के साथ ही टूर एंड ट्रैवेल्स एजेंसियों का कारोबार भी इन दिनों बढ़ गया है। राजनीतिक दलों से जुड़े लोग बनारस सहित पूर्वांचल के जिलों में जाने के लिए टैक्सी बुक रहे हैं। अप्रैल से जून तक गर्मी के कारण बनारस में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या घट जाती है, जिससे होटल के कमरों के किराए घटा दिये जाते हैं और कम ऑफर मिलते हैं। लेकिन इस साल किराए तो घटे नहीं बल्कि कुछ होटलों की बुकिंग मुंहमांगी कीमत पर हो रही है।

राजनीतिक दलों की मीडिया सेल, सोशल मीडिया टीम व आईटी टीमों के विशेषज्ञ काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। बड़े होटलों में चुनावी गणित पर मंथन हो रहा है। कैंटोंमेंट, नदेसर, घाटों के किनारे, लंका-अस्सी मार्ग पर होटल व गेस्ट हाउस में बुकिंग फुल चल रही है। बनारस में करीब 50 बड़े होटल हैं, जिनमें से एक दर्जन होटल चार सितारा हैं। तीन व चार सितारा होटलों के किराए (लक्जरी रूम व सुईट छोड़कर) आम तौर पर गर्मी के दिनों में तीन से सात हजार रुपये प्रतिदिन होते हैं जो अभी पांच से दस हजार रुपये में बुक हो रहे हैं। गंगा घाट के किनारे होटलों के कमरे भी डेढ़ से चार हजार रुपये में बुक हो रहे हैं। वहीं घाट किनारे आलीशान होटलों के कमरों का किराया आठ से 15 हजार रुपये है।

टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि होटल कारोबार को चुनावी गतिविधियों से फायदा हो रहा है। गर्मियों में आमतौर पर कारबार धीमा रहता है लेकिन इस साल एडवांस बुकिंग मिल रही है। वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के सदस्य संतोष कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव के कारण होटल व पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिला है।

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