गंगा महोत्सव के साथ शुरू हुआ शिल्प मेला, 18 राज्यों से पहुंचे शिल्पी

गंगा महोत्सव के साथ शुरू हुआ शिल्प मेला, 18 राज्यों से पहुंचे शिल्पी

गंगा महोत्सव के साथ शुरू हुआ शिल्प मेला, 18 राज्यों से पहुंचे शिल्पी

वाराणसी में  राजघाट पर गंगा महोत्सव की शुरुआत के साथ ही चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में गांधी शिल्प बाजार शनिवार से शुरू हो गया। दस दिन तक चलने वाले इस बाजार का उद्घाटन राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया।  बाजार में 18 राज्यों के शिल्पियों ने 375 स्टॉल लगाए हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मणिपुर, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर आदि हैं। दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक गांधी शिल्प बाजार खुला रहेगा और प्रवेश शुल्क दस रुपये है। मिट्टी के बर्तन जिनमें मिट्टी के कूकर, तवा, धातु शिल्प, एंब्रायडरी, चमड़े के उत्पाद, जरी-जरदोजी, जूट क्राफ्ट, सिल्क उत्पाद उपलब्ध हैं। उद्घाटन के बाद मंत्री नीलकंठ ने कहा कि काशी की शिल्प कला दुनिया में प्रसिद्ध है। गांधी शिल्प बाजार का देश के अन्य राज्यों के शिल्पियों को भी इंतजार रहता है और बनारस सहित आसपास के जिलों के लोग भी यहां खरीदारी करना पसंद करते हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए शिल्पियों से मुलाकात की और उत्पादों की खूबियां जानीं। उन्होंने कहा कि गांधी शिल्प बाजार में पिछले साल दो करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ था। इस साल इससे अधिक कारोबार होने की उम्मीद है। इस मौके पर पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, संयुक्त निदेशक पर्यटन अविनाश मिश्रा, एलडीएम मिथिलेश कुमार मौजूद थे।

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