आईआईटी बीएचयू में बोले HRD मंत्री पोखरियाल, नए भारत का आधार बनेगी नई शिक्षा नीति

आईआईटी बीएचयू में बोले HRD मंत्री पोखरियाल, नए भारत का आधार बनेगी नई शिक्षा नीति

आईआईटी बीएचयू में बोले HRD मंत्री पोखरियाल, नए भारत का आधार बनेगी नई शिक्षा नीति

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि नई शिक्षा नीति नए भारत का आधार बनेगी। शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में देश को शिखर पर ले जाएगी। यह भारत केंद्रित और परिणाम आधारित होगी। आईआईटी बीएचयू के आठवें दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को निशंक ने कहा कि इस नीति में अंतराराष्ट्रीय दृष्टिकोण, नवाचार रोजगार, कौशल विकास, जीवन मूल्य, संस्कृति समेत सभी क्षेत्रों में देश को आगे ले जाने की संभावनाएं हैं। कहा कि नई शिक्षा नीति को लेकर पूरी दुनिया में उत्सुकता है। दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि वह नए भारत का चेहरा हैं। आज उनके लिए गौरवपूर्ण क्षण है। मगर यहां से आगे निकलने पर चुनौतियां ही चुनौतियां है। इन चुनौतियों में ही अवसर छिपे होते हैं। उन्हें खोजने की जरूरत है। योद्धा बनकर उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ईमानदारी, निष्ठा, मेहनत का कोई विकल्प नहीं है मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि डिग्री को सिर्फ रोजगार का जरिया न समझें। इसके बूते खुद को रोजगार देने लायक बनाएं। युवाओं को इतना परिश्रम करना होगा कि पूरी दुनिया में भारत नौकरी देने वाला देश बन जाए। पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनामी बनाने का लक्ष्य पूरा करनें में युवाओं की भूमिका प्रमुख है। आईआईटी से निकलने वाले प्रत्येक छात्र के चेहरे पर भारत का भविष्य नजर आना चाहिए।
देश की समस्याओं को हल करने में मदद दें निशंक ने कहा कि छात्र अपने ज्ञान का उपयोग देश की समस्याओं का समाधान करने में करें। पर्यावरण, प्रदूषण, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वास्थ्य, जल शक्ति आदि ऐसे क्षेत्र है, जहां अधिक काम करने की जरूरत है। आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस जैसे कई क्षेत्र हैं, जिसमें काम करने के पर्याप्त अवसर हैं। ‘मेक इन इंडिया’ के सपनों को साकार करने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधे पर है। स्किल इंडिया, स्फटार्टअप इंडिया का लाभ लें मानव संसाधन विकास मंत्री ने भारत सरकार की विभन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि स्किल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया जैसे योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। बीएचयू की स्थापना और महामना मदन मोहन मालवीय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यहां यह विश्वविद्यालय देश में ही नहीं पूरी दुनिया में श्रेष्ठ है। यहां पर पढ़ने वालों को लोग उम्मीद से देखते हैं। उन्हें लगता है कि इस छात्र में औरों से कुछ अलग होगा। विषम और विपरीत परिस्थितयों में महामना ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना की। इसलिए यहां से निकलने वाले विद्यार्थी के सामने को अपने को शीर्ष पर ले जान की चुनौती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईटी के निदेशक प्रमोद जैन ने किया। संचालन कुलसचिव डॉ. एसके माथुर ने किया।

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