कैबिनेट ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के ईपीसी पद्धति पर निर्माण के दोनों पैकेज के बिड डॉक्युमेंट में संशोधन को दी मंजूरी

कैबिनेट ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के ईपीसी पद्धति पर निर्माण के दोनों पैकेज के बिड डॉक्युमेंट में संशोधन को दी मंजूरी

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 18 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के ईपीसी पद्धति पर निर्माण के दोनों पैकेज के बिड डॉक्युमेंट में संशोधन को मंजूरी दे दी है। 45 दिन में यह प्रक्रिया पूरी होगी।

बता दें कि 91 किमी लम्बा फोर लेन ग्रीन एक्सप्रेस वे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे गोरखपुर को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से जोड़ेगा। पहले इसकी लगत 5555 करोड़ रुपये थी जो अब बढ़कर 5876 करोड़ हो गई है। यह एक्सप्रेस वे गोरखपुर के साथ-साथ आज़मगढ़ और अम्बेडकरनगर जिलों से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेस वे के लिए घाघरा नदी पर पूल का फाउंडेशन और मजबूत की जाएगी क्योंकि घाघरा का बहाव तेज है।एक्सप्रेस वे के लिए 1073 हेक्टेयर जमीन चाहिये। अब तक 17.4% जमीन अधिग्रहित कर ली गईं है। इस एक्सप्रेस वे के साथ 5000 एकड़ का औद्योगिक गलियारा बनेगा। गोरखपुर वाया आजमगढ़ भी दूरी लगभग उतनी ही पड़ेगी जितनी गोरखपुर-लखनऊ की होगी। एक्सप्रेस वे पर हैंडलूम, फ़ूड प्रॉसेसिंग, डेयरी, शिक्षण संस्थान, खुलेंगे। इससे 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।

सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 296 किमी लम्बा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को भी मंजूरी दे दी है। यह एक्सप्रेस वे 14,849 करोड़ रुपयों में बनकर तैयार होगा। इस एक्सप्रेस वे पर इसी वर्ष अक्टूबर के महीने से कार्य शुरू हो जायेगा। इसके निर्माण के लिए सरकार ने अब तक 3641 हेक्टेयर भूमि के 90 प्रतिशत हिस्से का अधिग्रहण कर लिया है। यह एक्सप्रेस वे झाँसी, बाँदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया और इटावा जिलों से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेस वे इटावा में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से मिलेगा

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